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Hariyali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया! जानें पौधे लगाना शुभ होगा या नहीं, क्या कहते हैं शास्त्र

Hariyali Amavasya 2026: सावन मास की हरियाली अमावस्या प्रकृति, पर्यावरण और धार्मिक आस्था का विशेष पर्व मानी जाती है। इस दिन वृक्षारोपण करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। हालांकि इस बार हरियाली अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है, जिसके कारण लोगों के मन में सवाल है कि क्या इस दिन पौधे लगाना शुभ रहेगा या नहीं। आइए जानते हैं शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार इसका सही उत्तर।

हरियाली अमावस्या 2026 कब है?

हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। स्कंद पुराण के अनुसार इस दिन वृक्षारोपण करने से पितरों, देवी-देवताओं और प्रकृति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन लगाए गए पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी शुभ फल प्रदान करते हैं।

क्या ग्रहण के कारण पौधे नहीं लगा सकते?

इस वर्ष 12 अगस्त 2026 की रात 9:04 बजे से 13 अगस्त सुबह 4:25 बजे तक सूर्य ग्रहण रहेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि यह रात्रि के समय लगेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में अदृश्य ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होता। इसलिए हरियाली अमावस्या के दिन दिनभर बिना किसी बाधा के पौधारोपण किया जा सकता है। हालांकि ग्रहण के समय तुलसी, बेलपत्र या अन्य पूजनीय पौधों को छूने से बचने की परंपरा बताई गई है।

हरियाली अमावस्या पर कौन-से पौधे लगाना शुभ माना जाता है?

आंवला का पौधा:
पद्म पुराण में आंवले को अत्यंत पवित्र वृक्ष बताया गया है। इसकी पूजा और रोपण से आरोग्य, पुण्य और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

बेलपत्र का पौधा:
भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र का पौधा घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है।

तुलसी का पौधा:
तुलसी माता लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं। हरियाली अमावस्या पर तुलसी लगाने से घर में समृद्धि, सुख और धार्मिक ऊर्जा का वास होता है।

हरसिंगार का पौधा:
हरसिंगार भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय माना जाता है। इसकी स्थापना से घर में खुशहाली और धन-धान्य की वृद्धि होने की मान्यता है।

पीपल, बरगद और नीम कहां लगाएं?

पीपल, बरगद और नीम जैसे विशाल वृक्षों को घर के बजाय मंदिर, गौशाला या सार्वजनिक स्थानों पर लगाना शुभ माना जाता है। इन वृक्षों के रोपण से दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और धार्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।

निष्कर्ष

हरियाली अमावस्या 2026 पर सूर्य ग्रहण का संयोग होने के बावजूद भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसलिए शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार दिन में पौधारोपण करना पूरी तरह शुभ माना गया है। इस अवसर पर तुलसी, बेलपत्र, आंवला, हरसिंगार जैसे पौधे लगाकर धार्मिक पुण्य के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।

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