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Colored Papad: रंगीन पापड़ खाने से पहले हो जाएं सावधान! जानिए कैसे चटख रंग आपकी सेहत के लिए बन सकते हैं खतरा

Colored Papad: भारतीय भोजन में पापड़ का अपना एक खास स्थान है। दाल-चावल, खिचड़ी या पारंपरिक थाली के साथ परोसा जाने वाला पापड़ खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। समय के साथ बाजार में लाल, हरे, पीले और नारंगी जैसे आकर्षक रंगों वाले पापड़ भी उपलब्ध होने लगे हैं, जो खासकर बच्चों और युवाओं को खूब पसंद आते हैं। लेकिन इन रंगीन पापड़ों को खरीदने और खाने से पहले सतर्क रहना जरूरी है।

Colored Papad

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि रंगीन पापड़ों में मानक खाद्य (Food Grade) रंगों की जगह सस्ते या गैर-स्वीकृत रंगों का इस्तेमाल किया गया हो, तो उनका लगातार सेवन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

क्यों हो सकते हैं रंगीन पापड़ नुकसानदायक?

खाद्य पदार्थों में केवल निर्धारित मात्रा में स्वीकृत फूड-ग्रेड कलर का उपयोग करने की अनुमति होती है। लेकिन कई बार कुछ निर्माता पापड़ों को अधिक आकर्षक दिखाने के लिए निम्न गुणवत्ता या गैर-मानक रंगों का इस्तेमाल कर देते हैं। ऐसे रंग लंबे समय तक शरीर में जाने पर कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

रंगीन पापड़ खाने से क्या हो सकते हैं नुकसान?

यदि पापड़ों में इस्तेमाल किए गए रंग सुरक्षित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो निम्न समस्याएं हो सकती हैं—

  • त्वचा पर एलर्जी, खुजली और लाल चकत्ते
  • आंखों में जलन या खुजली
  • सांस लेने में परेशानी
  • पेट दर्द और गैस
  • अपच और मतली
  • दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से एलर्जी या पाचन संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।

रंगीन पापड़ खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

रंगीन पापड़ खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातें जरूर जांच लें—

  • हमेशा विश्वसनीय और प्रतिष्ठित ब्रांड का उत्पाद खरीदें।
  • पैकेट पर निर्माण तिथि (MFG Date) और समाप्ति तिथि (Expiry Date) देखें।
  • सामग्री (Ingredients) और इस्तेमाल किए गए खाद्य रंगों की जानकारी पढ़ें।
  • बिना लेबल वाले या खुला बिकने वाले रंगीन पापड़ खरीदने से बचें।
  • अत्यधिक चमकीले या अस्वाभाविक रंग वाले पापड़ों से सावधान रहें।

प्राकृतिक या स्वीकृत खाद्य रंग सामान्यतः हल्के और संतुलित दिखाई देते हैं, जबकि बेहद चटख रंग गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर सकते हैं।

सीमित मात्रा में ही करें सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पापड़ चाहे सादा हो या रंगीन, उसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिकांश पापड़ों में नमक की मात्रा ज्यादा होती है और यदि उन्हें तलकर खाया जाए तो अतिरिक्त तेल और कैलोरी भी शरीर में पहुंचती है। इसलिए तले हुए पापड़ की बजाय भुने हुए पापड़ का सेवन अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जाता है।

स्वस्थ रहने के लिए क्या करें?

  • केवल FSSAI मानकों वाले ब्रांड का पापड़ खरीदें।
  • जरूरत से ज्यादा रंगीन खाद्य पदार्थ खाने से बचें।
  • बच्चों को सीमित मात्रा में ही रंगीन स्नैक्स दें।
  • यदि पापड़ खाने के बाद एलर्जी या पाचन संबंधी समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए अगली बार रंगीन पापड़ खरीदने से पहले उसके रंग और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें।

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