भारतीय समयानुसार 14 जुलाई, रात 8:17 बजे, इस ऐतिहासिक मिशन ने कजाकिस्तान के प्रसिद्ध बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी।

इस 8 महीने के लंबे मिशन के दौरान भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे।

यह कोई छोटा सफर नहीं है। ये तीनों अंतरिक्ष यात्री स्पेस स्टेशन पर पूरे आठ महीने बिताएंगे और कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे।

तीनों जांबाज अंतरिक्ष यात्रियों ने सोयूज एमएस-29 (Soyuz MS-29) अंतरिक्ष यान के जरिए ब्रह्मांड की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं।

भारत समेत पूरी दुनिया को अपने इस नायक पर गर्व है। मिशन की सफलता के लिए ढेरों शुभकामनाएं!