Featuredछत्तीसगढ़

Sushasan Tihar: सुशासन तिहार शिविर में गिरा पीपल का पेड़, 7 घायल, कार्यक्रम स्थगित

Sushasan Tihar: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम स्थल के पास मौजूद एक विशालकाय पीपल का पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 2 बच्चों सहित कुल 7 लोग घायल हो गए। घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्यक्रम स्थगित कर दिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

Sushasan Tihar


कार्यक्रम के दौरान अचानक गिरा पेड़

जानकारी के अनुसार, Kharhari में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम देखने के लिए कई लोग पेड़ के आसपास मौजूद थे, जबकि कुछ लोग बेहतर दृश्य देखने के लिए पीपल के पेड़ पर भी चढ़ गए थे। इसी दौरान अचानक विशाल पेड़ धराशायी हो गया। पेड़ गिरते ही कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में पेड़ पर बैठे और आसपास खड़े कुल 7 लोग घायल हो गए। इनमें 2 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

कई घायलों को फ्रैक्चर, जिला अस्पताल में इलाज जारी

हादसे के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को रेस्क्यू कर Gariaband District Hospital पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जिला अस्पताल के चिकित्सक Dr. Harish Chauhan ने बताया कि कुछ घायलों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर की शिकायत है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, शिविर स्थगित

घटना के समय जिला कलेक्टर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे। हादसे के तुरंत बाद कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सुशासन तिहार शिविर को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया और घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।

हादसे में वाहन भी हुआ क्षतिग्रस्त

पेड़ गिरने की चपेट में आकर वहां खड़ा एक छोटा हाथी वाहन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि पेड़ पुराना और कमजोर हो चुका था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था और पुराने पेड़ों की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल के आसपास मौजूद जर्जर पेड़ों की पहले जांच होनी चाहिए थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *