Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, 5 दिन में दूसरा झटका; क्या फिर लागू होगा 90 पैसे वाला फॉर्मूला?
Petrol-Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने महज पांच दिनों के भीतर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाकर आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। इस बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। नई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के नए दाम
New Delhi में अब पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर ₹98.64 प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 91 पैसे महंगा होकर ₹91.58 प्रति लीटर पहुंच गया है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में ताजा कीमतें
Mumbai
- पेट्रोल: ₹107.59 प्रति लीटर
- डीजल: ₹94.08 प्रति लीटर
Kolkata
- पेट्रोल: ₹109.70 प्रति लीटर
- डीजल: ₹96.07 प्रति लीटर
Chennai
- पेट्रोल: ₹104.49 प्रति लीटर
- डीजल: ₹96.11 प्रति लीटर
2022 जैसा दौर फिर लौटने की आशंका
साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 15 दिनों में 13 बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। कई बार लगातार 80 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। इस बार भी 15 मई को ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद अब लगभग 90 पैसे का नया इजाफा हुआ है, जिससे 2022 जैसा पैटर्न दोहराने की आशंका बढ़ गई है।
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तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान
Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियों को पहले कीमतें स्थिर रखने के कारण प्रतिदिन 1,600 से 1,700 करोड़ रुपये तक का नुकसान होने की बात सामने आई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- ₹1 प्रति लीटर बढ़ोतरी से कंपनियों के EBITDA में लगभग ₹15,000-16,000 करोड़ वार्षिक सुधार हो सकता है।
- यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो कुल मिलाकर ₹10 प्रति लीटर तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
- मिडिल ईस्ट में तनाव
- होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई जोखिम
- ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर
- सरकारी तेल कंपनियों का बढ़ता नुकसान
आम जनता पर असर
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर:
- परिवहन लागत
- खाद्य पदार्थों की कीमत
- टैक्सी और ऑटो किराया
- घरेलू बजट
पर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पांच दिनों के भीतर दूसरी बढ़ोतरी ने संकेत दिया है कि यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में कमी नहीं आती, तो आने वाले दिनों में और भी महंगाई का सामना करना पड़ सकता है। आम उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की बजाय चिंता बढ़ाने वाली खबर है।
