Indian Rupee Falls: करेंसी मार्केट में भूचाल! एक सप्ताह में 2.30 रुपये गिरा भारतीय रुपया, क्या डॉलर के मुकाबले 100 तक पहुंचेगा INR?
Indian Rupee Falls: भारतीय रुपया (INR) ने इस सप्ताह विदेशी मुद्रा बाजार में बड़ी कमजोरी दिखाई। अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले रुपया सिर्फ 5 कारोबारी दिनों में 2.30 रुपये (230 पैसे) टूट गया और 15 मई 2026 को 95.81 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। एक दिन के दौरान रुपया 96.14 तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे कमजोर स्तर माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, महंगाई का दबाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव रुपये पर भारी पड़ रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 2026 के अंत तक डॉलर के मुकाबले रुपया 100 के स्तर तक पहुंच सकता है?
एक हफ्ते में रुपये की सबसे बड़ी गिरावट
पिछले सप्ताह 8 मई को रुपया 93.51 पर बंद हुआ था। इसके बाद लगातार गिरावट दर्ज हुई और 15 मई तक यह 95.81 पर पहुंच गया।
5 दिनों में गिरावट का गणित:
- 8 मई 2026: ₹93.51 प्रति डॉलर
- 15 मई 2026: ₹95.81 प्रति डॉलर
- कुल गिरावट: ₹2.30
- औसत दैनिक गिरावट: 46 पैसे
रुपये में गिरावट की बड़ी वजहें
1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत तेल आयात पर निर्भर है, इसलिए महंगे क्रूड से डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है।
2. डॉलर इंडेक्स मजबूत
अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स 99 के ऊपर बना हुआ है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बढ़ा।
3. विदेशी पूंजी प्रवाह में कमजोरी
उच्च वैल्यूएशन, सीमित निवेश अवसर और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण पूंजी प्रवाह पर असर पड़ा है।
4. बढ़ता व्यापार घाटा
अप्रैल 2026 में भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 28.38 अरब डॉलर हो गया, जो रुपये के लिए नकारात्मक संकेत है।
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इस साल अब तक 6% से ज्यादा टूटा रुपया
जनवरी से अब तक भारतीय मुद्रा में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। यह गिरावट आयात लागत और महंगाई दोनों को प्रभावित कर सकती है।
क्या 100 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है रुपया?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार यदि:
- कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है,
- वैश्विक तनाव बढ़ता है,
- और विदेशी निवेश कमजोर रहता है,
तो 2026 के अंत तक रुपया ₹100 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच सकता है।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
रुपये की कमजोरी का असर सीधे आम जनता पर पड़ सकता है।
संभावित प्रभाव:
- पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं
- सोना और इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगे होंगे
- विदेश यात्रा और पढ़ाई का खर्च बढ़ेगा
- महंगाई पर दबाव बढ़ेगा
RBI क्या कर सकता है?
Reserve Bank of India बाजार में डॉलर बेचकर रुपये को सहारा दे सकता है। हालांकि यदि वैश्विक दबाव जारी रहता है, तो हस्तक्षेप का असर सीमित रह सकता है।
बाजार के प्रमुख आंकड़े
- रुपया बंद: ₹95.81 प्रति डॉलर
- इंट्राडे लो: ₹96.14
- डॉलर इंडेक्स: 99.15
- ब्रेंट क्रूड: $109.04 प्रति बैरल
- अप्रैल व्यापार घाटा: $28.38 अरब
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
- आयात-आधारित कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है।
- आईटी और निर्यातक कंपनियों को लाभ मिल सकता है।
- तेल, विमानन और ऑटो सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
